Kisan Andolan: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) पर क्यों भड़के हैं किसान? जानिये पूरा सच



पंजाब (Punjab): आज एक बार फिर पंजाब के किसान सड़कों पर उतर आए हैं। 'किसान मजदूर मोर्चा' (KMM) और अन्य किसान संगठनों ने आज पंजाब भर में विधायकों और मंत्रियों के घरों के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार मुद्दा सिर्फ MSP नहीं, बल्कि एक नया "भारत-अमेरिका व्यापार समझौता" (India-US Trade Deal) है।

आखिर इस समझौते में ऐसा क्या है जिससे भारत के किसान और पशुपालक डरे हुए हैं? आइये आसान भाषा में समझते हैं।

1. आज क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

आज (6 फरवरी) को किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर पंजाब के अलग-अलग जिलों में विधायकों के आवास का घेराव किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार अमेरिका के साथ एक ऐसा 'ट्रेड डील' करने जा रही है, जो भारतीय खेती को बर्बाद कर देगा। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता "किसानों के डेथ वारंट" (Death Warrant) जैसा है।

2. क्या है India-US Trade Deal का विवाद?

अमेरिका काफी समय से भारत पर दबाव बना रहा है कि वह अमेरिकी कृषि उत्पादों (Agricultural Products) के लिए अपने बाज़ार खोले। अमेरिका चाहता है कि भारत उनके सामान पर लगने वाला इंपोर्ट टैक्स (Import Duty) कम कर दे या पूरी तरह हटा दे।

इस समझौते के तहत अमेरिका भारत में अपने ये प्रोडक्ट्स बेचना चाहता है:

  • डेयरी उत्पाद (Dairy Products): दूध, पनीर, बटर और मिल्क पाउडर।

  • फल और मेवे: सेब (Apples), बादाम (Almonds) और अखरोट।

  • अनाज: मक्का और सोयाबीन।

3. किसानों और पशुपालकों को किस बात का डर है?

आम जनता और किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि "क्या विदेशी दूध भारत में आएगा?"

  • डेयरी सेक्टर पर खतरा: अमेरिका में डेयरी फार्मिंग बहुत बड़े पैमाने पर (Industrial Scale) होती है और वहां सरकार भारी सब्सिडी देती है। इसलिए वहां का दूध और पनीर भारत के मुकाबले बहुत सस्ता है। अगर बिना टैक्स के अमेरिकी दूध भारत आ गया, तो Verka, Amul और हमारे स्थानीय दूध उत्पादकों का कारोबार ठप हो जाएगा। भारत का छोटा किसान उस सस्ते दूध का मुकाबला नहीं कर पाएगा।

  • फसलों के दाम गिरना: अगर अमेरिका से सस्ता सेब, बादाम या मक्का भारत आने लगा, तो हिमाचल और कश्मीर के सेब उत्पादकों और पंजाब के मक्का किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिलेगा।

4. किसानों की मांग क्या है?

प्रदर्शनकारी किसानों की साफ़ मांग है कि:

  1. खेती और डेयरी सेक्टर को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) से बाहर रखा जाए।

  2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तुरंत रद्द किया जाए।

  3. WTO (विश्व व्यापार संगठन) की उन नीतियों का विरोध हो जो भारतीय किसानों के खिलाफ हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

यह मामला अब सिर्फ खेती का नहीं, बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा (Food Security) का भी है। आज हो रहे प्रदर्शन इसी डर का नतीजा हैं कि कहीं विदेशी कंपनियों के मुनाफे के लिए भारतीय किसान की बलि न चढ़ा दी जाए। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या सफाई देती है।



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