शीर्षक: कृषि यंत्रों पर मिल रही है 50% से 80% तक सब्सिडी! जानें SMAM योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
आज के आधुनिक युग में खेती को लाभदायक बनाने के लिए मशीनों का योगदान बहुत बढ़ गया है। लेकिन महँगी मशीनों के कारण छोटे और सीमांत किसान इन्हें खरीद नहीं पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार की SMAM (Sub-Mission on Agricultural Mechanization) योजना एक वरदान साबित हो रही है।
SMAM योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई एक राष्ट्रव्यापी योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को अलग-अलग श्रेणी के हिसाब से 40% से लेकर 50% तक सब्सिडी दी जाती है, और कुछ मामलों में (जैसे कस्टम हायरिंग सेंटर) यह 80% तक भी हो सकती है।
किन मशीनों पर मिल रही है सब्सिडी?
SMAM योजना के तहत खेती में इस्तेमाल होने वाले लगभग सभी प्रमुख यंत्रों पर छूट मिलती है, जिनमें शामिल हैं:
- रोटावेटर (Rotavator)
- कल्टीवेटर (Cultivator)
- सीड ड्रिल (Seed Drill)
- पावर वीडर (Power Weeder)
- स्ट्रॉ रीपर (Straw Reaper)
- हैप्पी सीडर (Happy Seeder)
- ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर
किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता)
- आवेदक भारत का स्थाई निवासी और किसान होना चाहिए।
- छोटे, सीमांत, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला किसानों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
- किसान के पास खेती योग्य अपनी भूमि होनी चाहिए।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़
यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो ये कागज़ात तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- ज़मीन की जमाबंदी/खतौनी
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि सब्सिडी सीधे खाते में आए)
- जाति प्रमाण पत्र (केवल SC/ST किसानों के लिए)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन (RC) (उन मशीनों के लिए जो ट्रैक्टर से चलती हैं)
सब्सिडी की राशि का विवरण
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किसान श्रेणी |
सब्सिडी प्रतिशत |
|---|---|
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महिला, SC/ST, छोटे और सीमांत किसान |
50% |
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सामान्य श्रेणी के किसान |
40% |
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कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
निष्कर्ष
SMAM योजना खेती की लागत को कम करने और पैदावार बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है। अगर आप भी नई मशीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी आवेदन करें और सरकार की इस मदद का लाभ उठाएं। |
40% से 80% |